सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

कैसे पता चलेगा कि हमारे पेट में खाना पच रहा है या सड़ रहा है?

पेट में सड़ रहा है खाना – कहते हैं कि शरीर मे होनेवाली किसी भी बीमारी के लिए व्यक्ति का पेट ही सबसे ज्यादा ज़िम्मेदार होता है क्योंकि जिस व्यक्ति का पेट हमेशा स्वस्थ और तंदरुस्त रहता है उस व्यक्ति को कभी कोई बीमारी नहीं होती है.
शरीर को स्वस्थ बनाए रखने के लिए पाचन तंत्र का सही होना बेहद ज़रूरी है. अगर पेट की पाचन क्रिया दुरुस्त नहीं है तो फिर इससे शरीर अस्वस्थ और दिमाग सुस्त हो जाता है जिसका असर हमारी कार्यक्षमता पर पड़ता है. ज़रुरत से ज्यादा खाना, अनियमित खान-पान, देर तक जागना जैसी कई चीजें पाचन क्रिया को प्रभावित करती हैं.
इसलिए यहां ये जानना बेहद ज़रूरी है कि खाना खाने के बाद वो आपके पेट मे पच रहा है  या फिर पेट में सड़ रहा है खाना. अगर आपका पाचन खराब है तो फिर आपको कब्ज से लेकर पेट से जुड़ी कई समस्याएं हो सकती हैं और इसके लिए दूसरा कोई नहीं बल्कि खुद आप ही ज़िम्मेदार हैं.
जठराग्नि के बुझने पर पेट में सड़ने लगता है खाना
दाल, चावल, सब्जी, रोटी, दूध, दही और फलों समेत कई चीजों का सेवन हम भोजन के रुप में करते हैं. ये सभी चीजें हमारे पेट में जाती हैं और पेट के ज़रिए भोजन से उत्पन्न होनेवाली ऊर्जा पूरे शरीर में पहुंचती है. दरअसल पेट में एक छोटा सा स्थान होता है जिसे हिंदी में अमाशय और संस्कृत में जठर कहते हैं.
हम जो भी खाते हैं वो अमाशय में जाता है और खाते वक्त अमाशय में जो अग्नि प्रज्जवलित होती है उसे जठराग्नि कहते हैं. ये अग्नि खाना खाने से लेकर खाना पचने तक जलती रहती है. लेकिन कई लोग खाना खाते वक्त ढेर सारा पानी पी लेते हैं और कई लोग तो खाते वक्त फ्रीज का ठंडा पानी पी लेते हैं. ऐसा करने से अमाशय में जलनेवाली अग्नि बुझ जाती है जिससे पाचन क्रिया में रुकावट आ जाती है.
खाना खाने के बाद हमारे पेट में दो ही क्रिया होती है. पहली क्रिया को डाइजेशन कहा जाता है जिससे खाना पचता है और दूसरी फर्मेन्टेशन की क्रिया जिसका मतलब है पेट में खाने का सड़ना.
जठराग्नि जलती रहेगी तभी पेट में खाना पचेगा
आयुर्वेद के अनुसार जब पेट में जठराग्नि जलेगी तो ही खाना पचेगा और जब खाना पचेगा तो उससे रस बनेगा. भोजन के पचने से जो रस बनता है उससे शरीर में मांस, मज्जा, रक्त, वीर्य, हड्डियां, मलमूत्र और मेद का निर्माण होता है.
लेकिन अगर आपके पेट की जठराग्नि बुझ गई है तो ऐसे में आपका भोजन पचने के बजाय सड़ने लगेगा और जब भोजन पचने के बजाय सड़ने लगे तो इससे यूरिक एसिड, कॉलेस्ट्रॉल और हार्टअटैक से लेकर कई गंभीर बीमारियां शरीर में अपना घर बनाने लगती हैं.
गौरतलब है कि स्वस्थ रहने के लिए हमारे पेट का साफ रहना बेहद ज़रूरी है इसलिए खाना खाते वक्त और खाने के करीब आधे घंटे बाद तक पानी ना पिएं. अगर आपने खाना खाते वक्त पानी पी लिया तो इससे आपके पेट की जठराग्नि बुझ जाएगी और खाना पचने के बजाय पेट में ही सड़ने लगेगा.

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

ऐसा कौन सा बिजनेस हैं जो कम लागत मे जादा पैसे कमाया जा सकता है।

इस बढ़ती हुई बेरोजगारी में हर कोई खुद के व्यापार सुरु करना चाहते है। लेकिन ज्यादा पैसा न होने के कारण व्यापार सुरु करने से डरते है। लेकिन मैं आपको कुछ ऐसे  व्यापार के नाम बताऊंगा जिससे आप कम लागत में सुरु करके प्रतिदिन अछि खासी रुपए बड़े ही आसानी से कमा सकते है । सुरु करने से पहले आपसे एक अनुरोध है कि आप इस पोस्ट को शेयर और उपवोट जरूर करें, इससे आपको हेल्प करने में मुझे प्रोत्साहन मिलता है। चलिए आपको कुछ  बेहतरीन छोटे बिजनेस आइडिया  बताते है: 1. ब्यूटी पार्लर:  एक्सपर्ट का मानना है कि ब्यूटी और वेलनेस इंडस्ट्री में भारत दुनिया मे दूसरा पायदान में खड़ा है। अनुमान किया जा रहा यह आंकड़ा आने वाले सालों में पांच गुना हो जाएगा। और क्यों नही होगा? लड़की हो या लड़का हर कोई अपने आपको खूबसूरत देखना चाहते, इसलिए उनलोग ब्यूटी पार्लर को ही प्राथमिकता देते है। हमारे देश 1.3 बिलियन जनसंख्या वाला देश है। और इनमें ज्यादातर युवा है। एक एक्सपेरिमेंट के मुताबिक सिर्फ छटा प्रतिशत प्रवीण लोग रहते है। इससे आपको अंदाजा होगया होगा इस फील्ड में कितना पोटेंशियल है। और आप इसका क...

में 6 महीनों में खुद को कैसे सुधार सकता हूँ ।

सूर्योदय से पहले उठो। 2. सुबह जल्दी उठकर कसरत करें। 3. नाश्ता न छोड़ें। 4. 10 मिनट योगा या मेडिटेशन सेशन करें। 5. सोशल मीडिया पर समय बर्बाद करना बंद करो। 6. बेहतर व्यक्तित्व के साथ समय बिताना शुरू करें। 7. यूट्यूब की बजाय टेड वार्ता देखें। 8. परिवार के लिए समय निकालें। 9. हर हफ्ते कम से कम एक बार लंबी सैर करें। 10.बिस्तर पर जाने से पहले कुछ पढ़ें। और एक बोनस, उस व्यक्ति के उत्तर को धन्यवाद देना कभी न भूलें जिसने आपकी मदद की

एकाग्रता बढ़ाने के लिए यह करें!

एकाग्रता बढ़ाने के लिए निम्नलिखित तरीके अपनाए जा सकते हैं: 1. *ध्यान और योग*: ध्यान और योग एकाग्रता बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। नियमित ध्यान और योग अभ्यास से मन को शांत और एकाग्र किया जा सकता है। 2. *नियमित व्यायाम*: नियमित व्यायाम एकाग्रता बढ़ाने में मदद कर सकता है। व्यायाम से शरीर और मन दोनों को ऊर्जा मिलती है। 3. *पर्याप्त नींद*: पर्याप्त नींद लेना एकाग्रता के लिए बहुत जरूरी है। नींद की कमी से एकाग्रता में कमी आ सकती है। 4. *स्वस्थ आहार*: स्वस्थ आहार एकाग्रता बढ़ाने में मदद कर सकता है। एक संतुलित आहार जिसमें फल, सब्जियां, और साबुत अनाज शामिल हों, एकाग्रता के लिए फायदेमंद हो सकता है। 5. *एकाग्रता बढ़ाने वाले खेल*: एकाग्रता बढ़ाने वाले खेल जैसे कि पहेली, सुडोकू, और शतरंज एकाग्रता बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। 6. *नियमित ब्रेक*: नियमित ब्रेक लेना एकाग्रता बढ़ाने में मदद कर सकता है। लंबे समय तक एक ही काम करने से एकाग्रता में कमी आ सकती है। 7. *एकाग्रता बढ़ाने वाले ऐप्स*: एकाग्रता बढ़ाने वाले ऐप्स जैसे कि फोकस@विल और ब्रेनएचक्यू एकाग्रता बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। 8. *मन को शांत रखना*: मन...