सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

बिल गेट्स के अनमोल सुविचार

जीवन न्याययुक्त नहीं है, इसकी आदत डाल लीजिये। ~बिल गेट्स (Bill Gates)
 अगर मैं पहले से कोई अंतिम लक्ष्य बना के चलता तो क्या आपको नहीं लगता है कि मैं उसे सालों पहले पूरा कर चुका होता।~बिल गेट्स (Bill Gates)
 640 किलो बाईट किसी के लिए भी काफी होगा।~बिल गेट्स (Bill Gates)
 सफलता की ख़ुशी मानना अच्छा है पर उससे ज़रूरी है अपनी असफलता से सीख लेना।~बिल गेट्स (Bill Gates)
 अगर हम अगली सदी की तरफ देखें तो लीडर वो होंगे जो दूसरों को शशक्त बना सकें।~बिल गेट्स (Bill Gates)
  आपके सबसे असंतुष्ट कस्टमर आपके सीखने का सबसे बड़ा श्रोत हैं।~बिल गेट्स (Bill gatet) जीवन न्याययुक्त नहीं है, इसकी आदत डाल लीजिये। ~बिल गेट्स (Bill Gates)
  अगर मैं पहले से कोई अंतिम लक्ष्य बना के चलता तो क्या आपको नहीं लगता है कि मैं उसे सालों पहले पूरा कर चुका होता।~बिल गेट्स (Bill Gates)
 640 किलो बाईट किसी के लिए भी काफी होगा।~बिल गेट्स (Bill Gate) सफलता की ख़ुशी मानना अच्छा है पर उससे ज़रूरी है अपनी असफलता से सीख लेना।~बिल गेट्स (Bill Gates)
 अगर हम अगली सदी की तरफ देखें तो लीडर वो होंगे जो दूसरों को शशक्त बना सकें।~बिल गेट्स (Bill Gates) आपके सबसे असंतुष्ट कस्टमर आपके सीखने का सबसे बड़ा श्रोत हैं।~बिल गेट्स (Bill Gates)

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

ऐसा कौन सा बिजनेस हैं जो कम लागत मे जादा पैसे कमाया जा सकता है।

इस बढ़ती हुई बेरोजगारी में हर कोई खुद के व्यापार सुरु करना चाहते है। लेकिन ज्यादा पैसा न होने के कारण व्यापार सुरु करने से डरते है। लेकिन मैं आपको कुछ ऐसे  व्यापार के नाम बताऊंगा जिससे आप कम लागत में सुरु करके प्रतिदिन अछि खासी रुपए बड़े ही आसानी से कमा सकते है । सुरु करने से पहले आपसे एक अनुरोध है कि आप इस पोस्ट को शेयर और उपवोट जरूर करें, इससे आपको हेल्प करने में मुझे प्रोत्साहन मिलता है। चलिए आपको कुछ  बेहतरीन छोटे बिजनेस आइडिया  बताते है: 1. ब्यूटी पार्लर:  एक्सपर्ट का मानना है कि ब्यूटी और वेलनेस इंडस्ट्री में भारत दुनिया मे दूसरा पायदान में खड़ा है। अनुमान किया जा रहा यह आंकड़ा आने वाले सालों में पांच गुना हो जाएगा। और क्यों नही होगा? लड़की हो या लड़का हर कोई अपने आपको खूबसूरत देखना चाहते, इसलिए उनलोग ब्यूटी पार्लर को ही प्राथमिकता देते है। हमारे देश 1.3 बिलियन जनसंख्या वाला देश है। और इनमें ज्यादातर युवा है। एक एक्सपेरिमेंट के मुताबिक सिर्फ छटा प्रतिशत प्रवीण लोग रहते है। इससे आपको अंदाजा होगया होगा इस फील्ड में कितना पोटेंशियल है। और आप इसका क...

जीवन को आसान बनाने के लिए कुछ अच्छी आदतें क्या है।

इसने मुझे अपनी इंजीनियरिंग में 12 बार फेल किया और खुद को अच्छी दैनिक आदतों के महत्व को समझने के लिए 2 साल में 46 किलो से 68 किलोग्राम तक बदल दिया। ये आदतें जो मैं आपके साथ साझा करने जा रहा हूं, वे सरल, आसान और प्रभावी हैं और आपके जीवन को समय के साथ सरल कर देंगी। एक कारण है कि नेवी सील्स हर एक दिन सटीक तरीके से अपना बिस्तर बनाती हैं। संक्षेप में, स्थिरता की शक्ति प्राप्त करने के लिए, छोटी चीजों में निरंतरता लाएं। ये छोटी, आसान और प्रभावी चीजें क्या होनी चाहिए? यहाँ हर दिन करने के लिए 5 अच्छी चीजें हैं! प्रतिदिन एक ही समय पर जागें नहीं, मैं आपको सुबह 5 बजे उठने के लिए नहीं कह रहा हूं। कुछ लोगों के लिए यह असहज हो सकता है। यदि आप जानते हैं कि आप कब जागेंगे, तो बाकी दिनों से निपटना आसान हो जाता है। सुबह जल्दी निर्णय लेने में कम अनिश्चितता होगी। 2. अपना बिस्तर बनाओ यह सरल और सबसे प्रभावी है, आपने इसे हजार बार सुना होगा लेकिन कभी ऐसा नहीं किया। क्योंकि मनुष्य परिवर्तन का विरोध करते हैं। एक सप्ताह तक लगातार करें। मैं वादा करता हूं कि आपको पता होगा कि सफल लोग इस आदत के...

क्या रामायण की कथा पूर्ण रूप से सत्य है।

श्री रामचरितमानस महाकाव्य उच्च जीवन, आदर्श, त्याग, वीरता, कर्तव्य, प्रेम, समर्पण आदि नैतिक मूल्यों का दर्पण है । यह महाकाव्य हर युग में संसार के लिए शिक्षाप्रद रहेगा । धार्मिक और साहित्यिक दृष्टिकोण से यह महाग्रन्थ भारत ही नहीं अपितु अन्य देशों में भी लोकप्रिय है । रामायण काल के साक्ष्य आज भी भारत एवं आसपास की धरती पर विद्यमान हैं । इस लेख का उदेश्य यह समझना है कि क्या महाकाव्य रामायण एक काल्पनिक कथा है या हजारों साल पहले घटित श्री रामचंद्र जी के जीवन काल की ऐतिहासिक घटना है ? जब ऐतिहासिक घटनाएँ बहुत लम्बा सफर तय कर लेती हैं तब कुछ बुद्धिजीवी उनकी प्रमाणिकता पर संशय करने लगते हैं । 18वीं एवम् 19 वीं शताब्दी में घटने वाली घटनाएँ इसलिए सत्य प्रतीत होती है क्योंकि उनके साक्षी हमारे पास है । परन्तु जब धीरे-धीरे इन घटनाओं पर समय की परत चढ़ती जाती हैं, तब कुछ लोग उन्हें सत्य मानते हैं तथा कुछ लोग उन्हें मात्र एक उपन्यास की नज़र से देखने लगते हैं । आगे आने वाली पीढियाँ इस बात पर ही अचम्भित हुआ करेंगी कि क्या सच में भारत गुलाम रहा था या उस समय की यह मात्र एक कल्पना ? अन्धविश्वास हमें ज...